Nowadays, it is very hard to know who is real and who is just with us for their own work. Many people talk sweetly in front but change when their need is finished. That type of pain hurts a lot, especially when it comes from our own people or friends.
In this Matlabi Shayari collection, you will read emotional and reality-based shayarīs about selfish people, fake relationships, broken trust, and life’s feelings. These lines are simple, relatable, and written in a casual style that many people can connect with easily.
Table of Contents
Rishte Matlabi Shayari Hindi
रिश्तों का सच अब समझ में आने लगा, हर अपना मतलब से पास आने लगा।
अब किसी से ज्यादा उम्मीद नहीं रखते, मतलबी रिश्तों पर भरोसा नहीं करते।
जो लोग कभी जान हुआ करते थे, आज वही सबसे अनजान लगते हैं।
रिश्ते भी आजकल मौसम जैसे हो गए, ज़रूरत बदली और लोग बदल गए।
जब तक काम था तब तक खास थे हम, काम खत्म हुआ तो उदास थे हम।
हर रिश्ता अब सवालों में जीता है, कौन अपना है ये वक्त ही बताता है।
मतलबी लोगों की यही कहानी है, सामने मिठास, पीछे परेशानी है।
अब रिश्तों में वो भरोसा नहीं मिलता, हर कोई अपने फायदे में दिखता।
जिन्हें अपना मानकर मुस्कुराते रहे, वही लोग दिल दुखाकर जाते रहे।
मतलब की दुनिया में सच्चाई खो गई, हर अपने की असली तस्वीर दिख गई।
आजकल रिश्ते दिल से नहीं जुड़ते, बस मतलब पूरे होने तक साथ चलते।
मतलबी रिश्तों का असर ऐसा हुआ, अब हर इंसान पर शक होने लगा।
कभी जिनके बिना दिन नहीं गुजरता था, आज वही हाल तक नहीं पूछता।
सच्चे रिश्ते आज भी दिल से निभते हैं, मतलबी लोग बस मौके पर दिखते हैं।
रिश्ते अगर मतलब से बनेंगे, तो एक दिन जरूर टूटेंगे।
हर मुस्कान के पीछे प्यार नहीं होता, कुछ लोगों का दिल वफादार नहीं होता।
मतलब के लोग पास आकर बदल जाते हैं, वक्त आने पर रंग दिखा जाते हैं।
अब रिश्तों में अपनापन कम लगता है, हर कोई बस अपना काम रखता है।
जब जरूरत हो तभी याद करते हैं, कुछ लोग रिश्तों का व्यापार करते हैं।
मतलब खत्म होते ही रिश्ता टूट गया, जिसे अपना समझा वही रूठ गया।
रिश्तों की भीड़ में अकेले रह गए, मतलबी लोगों को अपना कह गए।
Duniya Matlabi Shayari
मतलबी दुनिया का यही उसूल निकला, जिसका काम पड़ा वही करीब निकला।
दुनिया की बातों पर अब यकीन नहीं होता, हर चेहरा साफ हो ये मुमकिन नहीं होता।
इस मतलबी दुनिया में कौन किसका है, हर रिश्ता यहाँ मतलब का हिस्सा है।
दुनिया ने हमें जीना सिखा दिया, हर अपने का असली चेहरा दिखा दिया।
मतलब की दुनिया में प्यार कम मिलता है, हर इंसान यहाँ बदलता मिलता है।
इस दुनिया में सब अपना कहते हैं, पर मुश्किल में साथ कम रहते हैं।
मतलबी लोग दिल दुखा जाते हैं, और खुद को सच्चा बता जाते हैं।
दुनिया की भीड़ में अकेले चलना सीखा, हर चेहरे के पीछे मतलब देखा।
आजकल दुनिया बड़ी चालाक हो गई, हर मुस्कान के पीछे बात हो गई।
मतलब की दुनिया में सच्चे लोग हारते हैं, झूठे चेहरे अक्सर जीत जाते हैं।
यहाँ लोग प्यार नहीं फायदा देखते हैं, दिल नहीं बस मौका देखते हैं।
दुनिया का रंग हर दिन बदलता है, अपना भी वक्त पर संभलता है।
जिसे अपना समझा वही बदल गया, दुनिया का हर वादा आजकल फिसल गया।
इस दुनिया में भरोसा सस्ता नहीं मिलता, हर कोई दिल से अच्छा नहीं मिलता।
दुनिया ने हर दर्द हंसकर दिया, और हमने हर जख्म छुपाकर जिया।
दुनिया सिर्फ हालात देखती है, दिल की सच्चाई कौन समझती है।
मतलब की इस भीड़ में खो गए लोग, अपने ही अपनों से दूर हो गए लोग।
यहाँ हर इंसान बदलता नजर आता है, सिर्फ फायदा ही रिश्ता निभाता है।
दुनिया का दस्तूर बड़ा पुराना है, काम निकलते ही सबने मुकर जाना है।
मतलबी दुनिया ने तन्हा कर दिया, हर अपने ने दिल से दूर कर दिया।
Dard Matlabi Shayari
मतलब के रिश्तों ने इतना दर्द दिया, अपनों से भी डरना हमने सीख लिया।
दिल से चाहा था जिन्हें अपनी तरह, उन्होंने दर्द दिया अजनबियों की तरह।
मतलबी लोगों का प्यार अधूरा होता है, ज़रूरत खत्म होते ही दूर होना होता है।
दर्द छुपाकर मुस्कुराना पड़ता है, जब अपना ही मतलबी निकलता है।
मतलब की बात थी इसलिए साथ थे लोग, वरना कौन पूछता है टूटे हुए लोग।
दर्द की वजह सिर्फ गैर नहीं होते, कुछ अपने भी कम ज़हर नहीं होते।
मतलबी दुनिया ने इतना अकेला कर दिया, भीड़ में रहकर भी तन्हा कर दिया।
हर दर्द की एक कहानी होती है, मतलबी लोगों की मेहरबानी होती है।
दिल को तोड़कर कहते हैं मजबूरी थी, मतलब निकल गया बस इतनी दूरी थी।
मतलबी इंसान जल्दी पहचान नहीं आता, वो दर्द देकर भी गलत नहीं कहलाता।
अब किसी पर भरोसा नहीं करते, मतलबी लोगों से रिश्ता नहीं रखते।
मतलबी चेहरों से अब डर लगता है, हर रिश्ता अधूरा सा लगता है।
दर्द देकर लोग आसानी से भूल जाते हैं, पर जख्म दिल में उम्रभर रह जाते हैं।
मतलब की दोस्ती ज्यादा नहीं चलती, एक दिन सच्चाई जरूर निकलती।
दर्द भी अब आदत सा बन गया, हर अपना मतलबी निकल गया।
मतलबी प्यार का यही अंजाम होता है, दिल अकेला और इंसान बदनाम होता है।
अब दिल लगाने से डर लगता है, हर रिश्ता मतलब से भरा लगता है।
मतलब के लोगों ने ये सिखाया है, हर मुस्कान के पीछे दर्द छुपाया है।
दर्द की कीमत वही समझता है, जिसे अपना मतलबी मिलता है।
मतलबी लोग दिल से खेल जाते हैं, और जाते-जाते दर्द दे जाते हैं।
अब दर्द भी शिकायत नहीं करता, क्योंकि अपना कोई साथ नहीं देता।
Dost Matlabi Shayari
दोस्ती का नाम लेकर करीब आए थे, मतलब पूरा हुआ तो बदल जाए थे।
जिन्हें दोस्त समझकर दिल से अपनाया, उन्होंने ही मतलब के लिए इस्तेमाल बनाया।
दोस्त बनकर दर्द दे गए, हंसते चेहरे के पीछे खेल कर गए।
अब हर दोस्त पर भरोसा नहीं होता, हर साथ निभाने वाला सच्चा नहीं होता।
दोस्ती में मतलब आ जाए अगर, तो रिश्ता ज्यादा नहीं चलता मगर।
जिन दोस्तों पर सबसे ज्यादा नाज़ था, वही सबसे बड़ा धोखा देने वाला था।
मतलब की दोस्ती ज्यादा दिन नहीं टिकती, सच्चाई एक दिन खुद सामने दिखती।
दोस्तों ने ही जीना सिखा दिया, हर चेहरे का मतलब दिखा दिया।
अब दोस्ती सोच समझकर करते हैं, मतलबी लोगों से दूर रहते हैं।
जब तक फायदा था साथ निभाया, फिर दोस्ती का रिश्ता भी भूलाया।
दोस्ती का दिखावा हर कोई कर लेता है, पर सच्चा दोस्त मुश्किल में मिलता है।
मतलबी दोस्त दिल दुखा जाते हैं, और खुद को मासूम बता जाते हैं।
आजकल दोस्ती भी व्यापार हो गई, हर बात में मतलब की दीवार हो गई।
जिनके साथ हर राज बांटा था, उन्होंने ही पीठ पीछे मजाक बनाया था।
मतलब के दोस्त पास बहुत आते हैं, मुश्किल वक्त में नजर नहीं आते हैं।
दोस्ती का रिश्ता बड़ा खास होता है, पर मतलबी दोस्त सबसे बड़ा दर्द होता है।
अब दोस्त कम और सबक ज्यादा मिले, मतलबी चेहरों के कई नकाब मिले।
दोस्ती में झूठा साथ अच्छा नहीं लगता, मतलबी इंसान कभी अपना नहीं लगता।
कुछ दोस्त सिर्फ नाम के अपने होते हैं, असल में वो मतलब के सपने होते हैं।
दोस्ती की कदर सब नहीं जानते, मतलबी लोग बस फायदा पहचानते।
अब हर दोस्त से दूरी रखते हैं, क्योंकि लोग दोस्ती में भी मतलब रखते हैं।
Matlabi Shayari on Life
ज़िंदगी ने हर मोड़ पर ये सिखाया है, मतलबी लोगों ने ही सबसे ज्यादा रुलाया है।
मतलब की दुनिया में जीना सीख लिया, हर दर्द को चुपचाप पीना सीख लिया।
ज़िंदगी में लोग रंग बदलते रहते हैं, जरूरत के हिसाब से साथ चलते हैं।
अब किसी से ज्यादा उम्मीद नहीं रखते, मतलबी रिश्तों में खुद को नहीं रखते।
जीवन का सबसे बड़ा सबक यही मिला, अपनों में भी मतलब छुपा मिला।
मतलबी लोग वक्त देखकर बदल जाते हैं, और अपनेपन का नकाब पहन जाते हैं।
ज़िंदगी ने हमें तन्हा रहना सिखा दिया, हर अपने का चेहरा दिखा दिया।
अब दिल जल्दी किसी पर आता नहीं, मतलब के बिना कोई पास आता नहीं।
जीवन में सच्चे लोग कम मिलते हैं, मतलबी चेहरे हर कदम मिलते हैं।
मतलब की इस जिंदगी में कौन किसका है, हर रिश्ता बस जरूरत का हिस्सा है।
मतलबी लोगों से अब दूरी रखते हैं, कम बोलते हैं और खुद में रहते हैं।
जीवन में भरोसा टूट जाए अगर, फिर हर रिश्ता अधूरा लगता है मगर।
मतलब की बातें दिल दुखा जाती हैं, और यादें रातभर जगा जाती हैं।
अब जिंदगी से कोई शिकायत नहीं करते, मतलबी लोगों से मोहब्बत नहीं करते।
हर इंसान यहाँ अपना मतलब ढूंढता है, दिल की सच्चाई कौन समझता है।
मतलब की भीड़ में खो गए रिश्ते, अब सिर्फ यादों में रह गए किस्से।
जीवन में हर किसी को अपना मत समझो, कुछ लोग सिर्फ फायदा देखकर जुड़ते हैं।
मतलबी लोग साथ छोड़ जाते हैं, पर सबक जिंदगी भर दे जाते हैं।
अब हर रिश्ते को परखना सीख लिया, ज़िंदगी से थोड़ा संभलना सीख लिया।
मतलब की जिंदगी में सुकून कम मिलता है, हर अपना धीरे-धीरे बदलता मिलता है।
जीवन ने हमें मजबूत बना दिया, मतलबी लोगों ने अकेला कर दिया।
In the end, life teaches us that not everyone who smiles with us is truly ours. Some people stay only for their benefit, but their actions also make us stronger and smarter. We hope these Matlabi Shayari helped you express your feelings and showed the reality of today’s relationships in a simple and relatable way.