In life, we meet many types of people. Some people are honest and always stay with us, but some people show one face in front and another face behind our back. These kinds of people are called dog-log. Their fake behavior can hurt our feelings and break our trust.
That is why many people like reading Dogle Log Shayari. These shayaris express the pain, anger, and lessons we get from such people.
Table of Contents
Dogle Log Shayari in Hindi
सामने दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं, पीछे वही लोग रास्ते हटाते हैं।
उनकी बातों में सच्चाई कम निकली, हर मुस्कान के पीछे चालाकी मिली।

वक्त आया तो असली रंग दिखा गए, अपने कहलाने वाले ही दगा दे गए।
जुबां पर प्यार और आंखों में हिसाब था, उनका हर रिश्ता बस एक नकाब था।
सामने मेरी तारीफ करते रहे, पीछे मेरे खिलाफ चलते रहे।
दोगले लोग आईने से डरते हैं, क्योंकि सच के सामने बिखरते हैं।
भरोसा तो हमने दिल से किया था, उन्होंने उसे खेल समझ लिया था।
जो हर बात में अपना फायदा ढूंढते हैं, वही लोग रिश्तों को सबसे ज्यादा तोड़ते हैं।
उनका किरदार बड़ा अजीब निकला, दोस्त कम और दुश्मन करीब निकला।
चेहरे बदलने का हुनर रखते हैं, दोगले लोग हर जगह असर रखते हैं।
जरूरत में साथ छोड़ जाते हैं, ऐसे लोग सिर्फ बातें निभाते हैं।
दिल में कुछ और, जुबां पर कुछ और था, उनका हर वादा बस कमजोर था।
जो हर किसी के बन जाते हैं, अक्सर किसी के नहीं रह जाते हैं।
नकली रिश्तों का बाजार सजाया उन्होंने, सच्चे लोगों को ही आजमाया उन्होंने।
उनकी दोस्ती का राज समझ आ गया, मतलब खत्म हुआ तो साथ भी जा गया।
दोगले लोग मौसम जैसे होते हैं, कब बदल जाएं, कोई नहीं जानता।
हर बार नया चेहरा लेकर आते हैं, सच पूछो तो खुद को भी छुपाते हैं।
सामने वफादारी की बातें करते हैं, पीछे वही सबसे ज्यादा वार करते हैं।
उनकी फितरत का अंदाजा हो गया, भरोसा करते-करते तजुर्बा हो गया।
जो सच के साथ खड़े नहीं होते, वही लोग सबसे ज्यादा बड़े नहीं होते।
दोगले लोगों से दूरी ही बेहतर है, क्योंकि उनका साथ हमेशा बेअसर है।
अब ऐसे लोगों पर यकीन नहीं करते, जो हर मोड़ पर अपना रंग बदलते।
Ghatiya Dogle Log Shayari
घटिया लोगों की पहचान देर से हुई, वरना हर मुस्कान पर यकीन न किया होता।
सामने इज्जत की बातें करते हैं, पीछे वही लोग औकात पर उतरते हैं।

चेहरा साफ और नीयत गंदी थी, उनकी हर बात बस दिखावे की थी।
वक्त ने सबका किरदार दिखा दिया, किसने साथ निभाया और किसने भुला दिया।
दोगले लोग अक्सर मीठा बोलते हैं, क्योंकि सच बोलने की हिम्मत नहीं रखते।
उनकी दोस्ती भी सौदे जैसी निकली, मतलब पूरा हुआ और कहानी खत्म हुई।
घटिया सोच वाले लोग क्या करेंगे साथ, जो खुद ही बदल लेते हैं हर बात।
दिल से अपनाया था जिन्हें कभी, वही सबसे ज्यादा दर्द दे गए।
कुछ लोग चेहरे से नहीं, अपनी हरकतों से घटिया लगते हैं।
जो दूसरों को गिराकर खुश होते हैं, वही लोग सबसे छोटे होते हैं।
उनकी बातों में मिठास बहुत थी, पर नीयत में खोट उससे भी ज्यादा थी।
घटिया लोगों का यही अंदाज होता है, सामने प्यार, पीछे राज़ होता है।
जब मतलब था तब तक अपने थे, फिर अचानक अजनबी बन बैठे।
दोगले लोग कभी किसी के नहीं होते, बस मौके के साथ बदलते रहते हैं।
उनकी दोस्ती पर अब हंसी आती है, जो हर दिन नई कहानी सुनाती है।
घटिया इंसान की सबसे बड़ी पहचान, हर रिश्ते में ढूंढता है अपना सम्मान।
जिसे हमने अपना समझा था, वो भी भीड़ का हिस्सा निकला।
कुछ लोग दिल नहीं तोड़ते, बस भरोसे को धीरे-धीरे मार देते हैं।
उनकी नजर में रिश्तों की कीमत नहीं, इसलिए उन्हें किसी की फिक्र नहीं।
घटिया लोग अक्सर ऊंची बातें करते हैं, मगर कर्म उनके सब बता देते हैं।
अब ऐसे लोगों से दूरी रखता हूं, जो चेहरे बदलने का हुनर रखते हैं।
Apne Hi Dogle Log Shayari
अपनों से ही सबसे ज्यादा चोट मिली, गैरों ने तो बस दूर से तमाशा देखा।
जिन्हें दिल का हाल बताया था कभी, वही मेरी बातों का बाजार लगा बैठे।
अपने होकर भी साथ न दे सके, वो रिश्ते सिर्फ नाम के रह गए।
घर के लोग ही जब बदल जाएं, फिर गैरों से क्या शिकायत करें।
अपनों की मुस्कान पर यकीन था, अंदर छिपी चालाकी का पता न था।
जिन्हें अपना सहारा समझा था, वही मुश्किल में किनारा कर गए।
अपनों की दोगली बातें समझ आ गईं, जब जरूरत में उनकी असलियत दिख गई।
रिश्तों की किताब में यही सबक मिला, अपने ही सबसे बड़ा धोखा दे गए।
सामने प्यार का दिखावा करते रहे, पीछे हर कदम पर गिराते रहे।
जो हर खुशी में साथ दिखते थे, वही दुख में सबसे पहले छुप गए।
अपनों की पहचान वक्त ने करवाई, कुछ चेहरे अपने थे, नीयत पराई।
दिल से जिन्हें इज्जत दी थी, उन्होंने ही पीठ पीछे बातें की थीं।
अपने ही जब सवाल उठाने लगें, तो रिश्ते धीरे-धीरे टूटने लगें।
हर बार गैरों को दोष दिया हमने, असल दर्द तो अपनों ने दिया था।
अपने होकर भी गैरों जैसा बर्ताव किया, उन्होंने रिश्ते का मान नहीं रखा।
जब सच सामने आया एक दिन, अपने ही सबसे ज्यादा दोगले निकले।
जिन्हें राज़ बताया था भरोसे से, उन्होंने वही बात दुनिया को बता दी।
अपनों की भीड़ में खड़ा था मैं, फिर भी खुद को अकेला पाया मैंने।
चेहरे रिश्तों वाले थे सबके, मगर नीयत किसी की साफ न थी।
जो हर बात पर साथ होने की बात करते थे, वही लोग सबसे पहले दूर हुए।
अपनों के दोगलेपन ने इतना सिखाया, हर रिश्ते को आंख बंद करके मत अपनाना।
रिश्ते खून से नहीं निभते हमेशा, नीयत साफ हो तो अपनापन रहता है।
कुछ अपने सिर्फ नाम के अपने होते हैं, दिल से वो कब के पराए होते हैं।
अब अपनों से भी संभलकर मिलते हैं, क्योंकि कई चेहरे भरोसे के लायक नहीं होते।
Dogle Log Shayari on Life
ज़िंदगी ने एक बात साफ सिखाई है, दोगले लोग हर मोड़ पर दिखाई हैं।
हर मुस्कान पर भरोसा मत करना, ज़िंदगी में कई चेहरे नकली होते हैं।
दोगले लोगों का यही उसूल होता है, जहाँ फायदा मिले, वहीं झुकाव होता है।
ज़िंदगी की राह में ऐसे लोग मिले, जो सामने अपने, पीछे गैर निकले।
दोगले लोगों से शिकायत कैसी, उनकी फितरत ही दो चेहरे रखना है।
ज़िंदगी का सबसे कड़वा सबक मिला, दोगलापन अक्सर अपनों में मिला।
सच बोलने वाले कम मिलते हैं, दोगले लोग हर जगह मिलते हैं।
ज़िंदगी ने मुझे संभलना सिखाया, दोगले लोगों ने भरोसा तोड़ना सिखाया।
कुछ चेहरे किताब जैसे लगते हैं, खोलो तो अंदर कई राज़ निकलते हैं।
दोगले लोग अक्सर पास रहते हैं, मगर दिल से बहुत दूर होते हैं।
ज़िंदगी में इज्जत उसी को देना, जो सामने और पीछे एक जैसा रहे।
दोगले लोग रिश्तों का नाम लेते हैं, मगर निभाने का काम नहीं करते।
हर बात पर मीठा बोलने वाले, अक्सर दिल से सबसे कड़वे होते हैं।
ज़िंदगी में सबसे मुश्किल काम यही है, चेहरों के पीछे छिपे इरादे समझना।
दोगले लोगों की दोस्ती से बेहतर, अकेलापन भी कभी-कभी अच्छा होता है।
जो आज तुम्हारी तारीफ करते हैं, कल वही तुम्हारी कमी निकालेंगे।
ज़िंदगी में कम लोग सच्चे मिलते हैं, बाकी तो हालात देखकर बदलते हैं।
दोगले लोगों का कोई धर्म नहीं होता, उनका मकसद सिर्फ अपना स्वार्थ होता है।
रिश्तों की भीड़ में यही देखा है, दोगलापन अक्सर सबसे ज्यादा दिखा है।
ज़िंदगी ने मुझे मजबूत बना दिया, दोगले लोगों ने हर भ्रम मिटा दिया।
कुछ लोग आईने जैसे नहीं होते, हर बार नया चेहरा दिखाते हैं।
अब हर किसी पर भरोसा नहीं होता, ज़िंदगी ने दोगले लोगों से मिलवाया बहुत है।
Dogle people may hurt us, but they also teach us who truly matters in life. We hope these Dogle Log Shayari matched your feelings and helped you express your thoughts about fake and double-faced people.